Saturday, February 17, 2024

Waqt

लगता नही है  दिल मेरा उजड़े दियार में 

किस की बनी है है आलम न पायेदार में 

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कितना बदनसीब है ज़फर दफ़न के लिए 

दो गज़ ज़मीन भी न मिले कुए यार में..


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