Wednesday, December 14, 2011

हर पल बदलते रिश्ते,
दिल डरता है कि क्या मैं निभा पाउगा, ये रिश्ते



जब भी मेरा मन घबराता है
तो तू थाम लेता है मेरा



और फिर हो जाती है मेरी हर मुश्किल आसां

ना जाने आज कितने समय के बाद ,


फिर बैठा हूँ दिल कि कुछ बात बताने


कुछ तेरा सुनने , कुछ मेरा सुनाने


Wednesday, December 24, 2008

तेरे बिन

तेरे बिन मैं अधुरी,
हर चाह अधुरी।
मेरा शृंगार अधुरा,
चेहरे की लाली तेरे बिन अधुरी है।
तेरे बिन जीवन अधुरा,
हर साँस अधुरी है।
तेरे बिन कुछ पाने की आस अधुरी,
होठो की हँसी अधुरी, अधूरे आखों के आंसू।
'चियु' तेरे बिन मैं अधुरी
मेरी जिंदगानी है अधुरी।
२८-११/2008

Wednesday, October 22, 2008

"जीवन रूपी पानी"

मेरा जीवन पानी की तरह बहता चला।
पानी जिसका ना कोई रूप है और ना ही कोई आकार
जन्मलिया, कुछ बंधा रिश्तों से , कुछ उन्मुक्त बहता रहा।
बहता-बहता एक दिन जा टकराया प्यार से ,
प्यार की वादियाँ, चारों तरफ़ हरियाली, महकते हुए फूल, खुशिया ही खुशियाँ
मैं बहता रहा मस्ती से छलकते हुए।
फिर एक दिन प्यार बोला-
तुम्हे जाना होगा।
और बाँध दिया एक बाँध मेरे और उसके बीच।

मैं, मैं तो सरे रास्ते छोड़ बह चला था,

प्यार की वादियों में।

बिना राह, मैं बाँध के इस ओर बंधने लगा।

रिश्तों ने फिर आवाज़ दी॥

पर लौटू कैसे?

मैं तो बंध चुका हूँ।

रिश्तो ने नहर बने...

फिर मुझे वापस ले आए, उस दुनिया में , जो मेरी थी।

jaha मैंने जन्म लिया था॥

२२/१०/2008

"जीवन रूपी पानी"

मेरा जीवन पानी की तरह बहता चला।

पानी जिसका ना कोई रूप है और ना ही कोई आकार

Friday, October 17, 2008

"आस"

बढ चला हूँ एक अनजान राह पर,
फीर भी दिल को तेरी आस है बाकी ।
लम्हा-लम्हा घटती जा रही है दूरी,
फीर भी तेरे आने की आस है बाकी ।
दो कदम चलता हूँ और फीर पलट कर देखता हूँ,
इन ड़ब-ड़बaai आखों में, तुझे देख पाने की प्यास है बाकी ।

डगमगाने लगे है अब कदम......
टूटने लगी है साँसो की डोर.....
बंद होती इन आखों में फीर एक बार तुझे देख पाने की आस है बाकी ।
ना जाने कब टूट जाए ये जीवन-माल ,
क्या जाने पूरी हो ना हो,तुझे देख पाने की आस बाकी.

१७/१०/२००८

Thursday, October 16, 2008

अहसास नही बाकी

अहसास नही अब कोई बाकी।
रोते - रोते हँस देता हूँ,
हँसते-हँसते रो पड़ता हूँ।
हूँ क्या अब तो ये याद भी नही बाकी।
चला जा रहा हूँ,
अब तो मंजिल की तलाश भी नही बाकी।
ना खुशी हसाती है,
और ना गम ही रुलाता है।
और ना ही दर्द का अहसास,
तू जो नही है तो अहसास नही कोई बाकी॥

१५-१०-२००८